“झूठ के साये और सच की कीमत”
(नैरेशन – हल्की बारिश और सुबह की मंद धूप) उस सुबह मौसम बेहद सुखद था। हल्की धूप चमक रही थी और बीच-बीच में हल्की फुहारें…
दिसंबर 03, 2025(नैरेशन – हल्की बारिश और सुबह की मंद धूप) उस सुबह मौसम बेहद सुखद था। हल्की धूप चमक रही थी और बीच-बीच में हल्की फुहारें…
SANDEEP KUMAR MISHRA
दिसंबर 03, 2025
यह कहानी है एक होशियार लेकिन संघर्षशील छात्र "रुद्र" की, जो अपने सपनों को हकीकत में बदलने के लिए कोलकाता आय…
SANDEEP KUMAR MISHRA
अप्रैल 12, 2025
अयोध्या शहर – प्रेम, भक्ति और संघर्ष की कहानी कहने को तो अयोध्या भगवान श्रीराम की नगरी है, लेकिन यहाँ की हवाओं में प्रे…
SANDEEP KUMAR MISHRA
फ़रवरी 03, 2025
कहते हैं, "मुंबई सपनों का शहर है, जहाँ लोग अपने ख्वाब पूरे करने आते हैं। दिल्ली दिल वालों का शहर है, मगर दिल तोड़न…
SANDEEP KUMAR MISHRA
अक्टूबर 06, 2024
Sansheev अगली सुबह। अग्निहोत्री हाउस में। रोज सुबह के तरफ दादाजी अपनेकमरे निकल कर ध्रुव को देखनेउसके कमरे मेआए जहां …
SANDEEP KUMAR MISHRA
अक्टूबर 03, 2024
लक्ष्य बैंक के अंदर दाखिल तो हो गया था लेकिन जब मैनेजर ने उससे पैसे निकालने के लिए कार्ड माँगा तो उसके पास कार्ड नहीं थ…
SANDEEP KUMAR MISHRA
सितंबर 26, 2024
उस मैसेज को पढ़ते ही बारिश के बावजूद रोनित का चेहरा सूरज की तरह खिल उठा था। उसने फोन पर आए संदेश को खत्म किया ही था कि …
SANDEEP KUMAR MISHRA
सितंबर 11, 2024